🙏 पावन धाम का परिचय

बंशीधर मंदिर टंडवा

आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का पावन केंद्र

Temple Intro
Om
हमारे बारे में

बंशीधर मंदिर टंडवा

बंशीधर मंदिर टंडवा आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक शांति से जुड़ा एक पावन धार्मिक स्थल है। भगवान श्री कृष्ण के बंशीधर स्वरूप को समर्पित यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक अनुभूति का स्थान है। मंदिर का वातावरण भक्तों को भक्ति और सकारात्मकता से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है। यहाँ श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने, आरती में सम्मिलित होने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का हिस्सा बनने के लिए आते हैं। मंदिर केवल पूजा का स्थान ही नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार, सेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को आगे बढ़ाने वाला केंद्र बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 🙏 हमारी भावना हमारा प्रयास है कि बंशीधर मंदिर टंडवा श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसा स्थान बने जहाँ उन्हें भक्ति के साथ-साथ शांति, अपनापन और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हो।

मंदिर के इतिहास के बारे में जानें
मंदिर

श्री बंशीधर मंदिर

स्थान

पाठक मुहल्ला

आराध्य

श्री राधा-कृष्ण

परंपरा

दैनिक पूजा एवं आरती

मंदिर का धार्मिक महत्व

श्री बंशीधर मंदिर टंडवा श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत एक पावन धार्मिक स्थल है, जहाँ भगवान श्री कृष्ण के बंशीधर स्वरूप के दर्शन भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना, आरती और भक्ति के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण से अपने मन का जुड़ाव महसूस करते हैं। मंदिर का शांत एवं भक्तिमय वातावरण हर आगंतुक को कुछ पल आध्यात्मिक चिंतन और आत्मिक शांति के लिए प्रेरित करता है। हमारा प्रयास है कि यह पावन धाम धर्म, संस्कार, सेवा और संस्कृति की भावना को निरंतर आगे बढ़ाए तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़े। 🌼 हमारा संकल्प “भक्ति हमारी शक्ति है, सेवा हमारा संकल्प है और संस्कार हमारी पहचान हैं।” श्री बंशीधर मंदिर टंडवा में आपका हार्दिक स्वागत है। आइए, भगवान श्री कृष्ण के चरणों में श्रद्धा अर्पित करें और भक्ति के इस पावन मार्ग से जुड़ें।

Religious Significance

मंदिर की गौरवपूर्ण यात्रा

स्थापना - 2005

मंदिर की आधारशिला

परम पूज्य संतों के सानिध्य में बंशीधर मंदिर टंडवा की आधारशिला रखी गई, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करना था।

विस्तार - 2012

गुरुकुल और गौशाला का शुभारंभ

शिक्षा और सेवा के प्रकल्पों को बढ़ाते हुए मंदिर परिसर में भव्य गुरुकुल और विशाल गौशाला की स्थापना की गई।

वर्तमान - 2026

भव्य स्वरूप और विकास

आज बंशीधर मंदिर टंडवा क्षेत्र का एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

हमारी प्रमुख मान्यताएं

भक्ति

ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण का भाव।

संस्कार

सनातन भारतीय संस्कृति और महान परंपराओं का सम्मान।

सेवा

निस्वार्थ भाव से समाज, भक्तों और गौमाता की सेवा।

आध्यात्मिकता

आंतरिक शांति, ध्यान, साधना और सकारात्मक ऊर्जा।

मंदिर की दैनिक परंपराएं

मंदिर में प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा एवं आरती संपन्न होती है। श्रद्धालु इन पवित्र आयोजनों में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

विस्तृत दर्शन समय
मंगला आरती
05:00 AM
प्रातः दर्शन
आगामी कार्यक्रम
06:00 AM - 12:00 PM
राजभोग आरती
12:00 PM
संध्या आरती
07:00 PM
शयन आरती
09:00 PM

उत्सव एवं धार्मिक आयोजन

सभी उत्सव देखें
06 Sep 2026
श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्री बंशीधर मंदिर टंडवा में विशेष…

14 Sep 2026
विशेष संध्या आरती एवं भजन संध्या

श्री बंशीधर मंदिर टंडवा में श्रद्धालुओं के लिए विशेष संध्या आरती एवं भजन संध्या…

21 Sep 2026
श्री राधा-कृष्ण संकीर्तन एवं विशेष पूजा

श्री बंशीधर मंदिर टंडवा में श्री राधा-कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना एवं संकीर्तन का…

यहाँ आपको क्या मिलेगा?

मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही आपको एक दिव्य और अलौकिक शांति का अनुभव होगा।

शांत वातावरण
नियमित दर्शन
आरती एवं पूजा
धार्मिक आयोजन
आत्मीय सेवा

मंदिर की कुछ झलकियां

पूरी गैलरी देखें

मंदिर प्रबंधन

मंदिर की व्यवस्थाओं एवं धार्मिक गतिविधियों में निःस्वार्थ योगदान देने वाले आदरणीय सदस्य

श्री प्रकाश पाठक जी
श्री प्रकाश पाठक जी

अध्यक्ष

श्री अनुज पाठक जी
श्री अनुज पाठक जी

सचिव

श्री सुमित पाठक जी
श्री सुमित पाठक जी

कोषाध्यक्ष

मंदिर पधारने से पहले

  • स्थान

    पाठक मुहल्ला, नियर रिलायंस टॉवर, झंडा चौक, टंडवा 825321

  • दर्शन समय

    सुबह 05:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
    शाम 04:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक

  • संपर्क

    +91-9835842781

मंदिर तक कैसे पहुंचें

आइए, श्री बंशीधर के पावन धाम में आपका स्वागत है

भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक शांति से जुड़ने के लिए मंदिर पधारें।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियाँ आरम्भ हो चुकी हैं। दर्शन का समय सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक।
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श्री प्रकाश पाठक जी अध्यक्ष
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श्री अनुज पाठक जी सचिव
Leader
श्री सुमित पाठक जी कोषाध्यक्ष